Text Size

20211016 बांग्लादेश भक्तों के लिए संदेश

16 Oct 2021|हिन्दी|Others|Transcription|Śrī Māyāpur, India

मूकं करोति वाचालं पङ्गुं लङ्घयते गिरिं ।
यत्कृपा तमहं वन्दे श्री-गुरुम् दीन- तारणम्
परमानन्द माधवम् श्री चैतन्य ईश्वरम्॥
हरि ॐ तत् सत्॥

जयपताका स्वामी:  मैं अभी मलेशिया में वैश्विक दामोदर दीप दान कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए था। और उन्होंने कहा कि उनके कार्यक्रम के अंत में, अभी, वे बांग्लादेश भक्तों के लिए नृसिंह प्रार्थना करेंगे। परन्तु विश्व में प्रत्येक व्यक्ति इससे अत्यधिक प्रभावित है, तथा मुझे प्रसन्नता है कि मायापुर ने इस कार्यक्रम की व्यवस्था की है। यह कलियुग है! कलियुग में अकारण ही अशांतकारी स्थितियाँ उत्पन्न  होती हैं। बिना कुछ प्रयास किये ऐसी स्थितियाँ उत्पन्न हो जाती हैं, जैसे जब दो बांस के वृक्षों  का वायु में आपसी घर्षण होता हैं, तो वन में अग्नि प्रज्ज्वलित हो जाती है।  इस प्रकार की स्थिति से मात्र वन की अग्नि, दावाग्नि, प्रज्वलित होती है। इस प्रकार, इस कलियुग में बिना कारणवश कलह आरंभ हो जाता है। लोग, वे किसी मिथ्या लोकवाद से आंदोलित हैं। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, तथा हम सभी धर्मों का अत्यधिक सम्मान करते हैं। परन्तु सामाजिक माध्यम द्वारा जैसे फेसबुक आदि का दुरुपयोग, जो झूठी सूचना विस्तारित करता है, इतनी कठिनाई उत्पन्न करता है। इस प्रकार बांग्लादेश के हिंदू तथा मुसलमान अत्यन्त शांति से एक साथ रहते हैं, परन्तु कलियुग के प्रभाव से अकारण कुछ लोग व्यग्र हैं। अतएव हम अत्यंत चिंतित हैं कि न केवल बांग्लादेश में, परंतु सम्पूर्ण विश्व में अत्यधिक अशांति है। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक हैं अतएव उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हाल ही में न्यूजीलैंड में एक मस्जिद पर आक्रमण किया गया तथा अफगानिस्तान में कुछ आतंकवादी समूह शिया मस्जिदों पर आक्रमण कर रहे हैं। और वहाँ कई अनेक व्यक्ति मारे गए थे। यह कलियुग का प्रभाव है!

सम्पूर्ण जगत में हम देख रहे हैं कि जहाँ भी अल्पसंख्यक हैं, उन पर अत्याचार किया जा रहा है। चूँकि इस्कॉन विश्व के विभिन्न देशों में है, अतएव वे कभी-कभी आक्रमण से प्रभावित हो रहे हैं। परंतु यह चरम सीमा है - हमने गत वर्षों में कभी ऐसा कुछ नहीं देखा। बांग्लादेश में ऐसे भीड़ दंगे तथा निर्दोष हिंदुओं पर आक्रमण हुए हैं। उन्होंने हिंदू मंदिरों तथा पंडालों को नष्ट कर दिया है। अतः हम अत्यंत व्यथित हैं कि बांग्लादेश में हमारे भाई-बहन इस अत्याचार से प्रताड़ित हैं। हमें विश्वास है कि धार्मिक तथा सरकारी व्यक्ति इस प्रकार की समस्याएँ नहीं चाहते हैं। अतएव हम आशा करते हैं कि विभिन्न धर्मों द्वारा,  इस प्रकार के मूर्खों द्वारा किए गए आक्रमणों का व्यापक विरोध होना चाहिए। अतः मलेशिया तथा अन्य देशों में वे नृसिंह मंत्रों का जाप कर रहे हैं। मैं जानना चाहता हूँ  कि हम मायापुर में क्या कर रहे हैं?

मैंने सुना है कि हम एक यज्ञ कर रहे हैं तथा भगवान् श्री नृसिंहदेव की विशेष पूजा की जा रही है। मैं यह भी प्रार्थना करता हूँ  कि यदि भगवान कृष्ण प्रसन्न हों, तो उनकी कृपा से अस्पताल में भक्त ठीक हो जाएँ और जिस भक्त की हत्या हुई है, वह पुनः भगवान् के पास, भगवद्धाम जा सके, उसने अपना देह त्याग दिया क्योंकि वह भगवान् कृष्ण का भक्त था। हमने सुना है कि बांग्लादेश के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न नामहट्ट तथा मंदिरों पर आक्रमण हुए हैं। कुछ को गोलियों से मार दिया गया। परंतु, हम आशा करते हैं कि विश्व में प्रत्येक स्थान शांतिपूर्ण हो तथा ऐसी कोई आसुरी, आतंकवादी गतिविधियाँ न हों। हमारे पास धर्म शांति होनी चाहिए, विभिन्न धर्मों के मध्य शांति। हम सभी एक ही पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् की पूजा कर रहे हैं। तो, कुछ लोग दुर्गा देवी या अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा कर रहे हैं। वह पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् की शक्ति है, उन्हें एक देवदूत के समान माना जाता है। दुर्गा पूजा की प्राचीन प्रणाली यह है कि पहले आप शालिग्राम-शिला को, तत्पश्चात् दुर्गा देवी को वस्तुएँ अर्पित करते हैं। तो, यहाँ तक ​​​​कि कुरान को भी मोहम्मद के सामने प्रकट किया गया था, उन्हें शांति प्राप्त हो, एक देवदूत द्वारा। वैसे भी, हम चाहते हैं कि धर्मों के मध्य प्रेम और शांति हो। तो, इस प्रकार, हम अपनी सद्भावनाओं के माध्यम से बांग्लादेश में भक्तों तक पहुंचते हैं। और हमने सुना है कि बांग्लादेश की मंत्री शेख हसीना ने कहा है कि ऐसा पुनः नहीं होगा, और हम आशा करते हैं कि वह इसमें सफल होंगी। और श्रील प्रभुपाद ने कहा है, कलियुग में इस प्रकार की परिस्थितियाँ उत्पन्न होंगी । अतएव हम आशा करते हैं कि विश्व समुदाय इस बात पर ध्यान देगा कि ये प्रवृत्तियाँ बंद होनी चाहिए। हम कल TOVP में श्रील प्रभुपाद के आगमन का उत्सव मना रहे थे। और कल हमने कुछ नहीं सुना। प्रातःकाल जब मैं उठा तो मुझे यह दुखद समाचार मिला। जी.बी.सी., शासी निकाय आयोग, के सभी सदस्य भी अत्यधिक व्यथित हैं कि ऐसी घटनाएँ हुई हैं। उन्होंने कहा है, वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार सब कुछ करने का प्रयास करेंगे।

मुझे लगता है कि मायापुर में यह पदयात्रा एक शुभ प्रारम्भ है, तथा हमें विश्व में प्रत्येक स्थान पर पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन करना चाहिए। और यह पदयात्रा, जो मायापुर में हो रही है, यह आंदोलन हरे कृष्ण महा-मंत्र के जाप के साथ होना चाहिए । सभी विभिन्न धर्मों के व्यक्तियों को संयुक्त होकर विरोध करना चाहिए। और हम आशा करते हैं कि इससे अनेकता में एकता का निर्माण होगा, अनेकता में एकता। मैं आपको कोटि-कोटि धन्यवाद देना चाहता हूँ।

हरे कृष्ण!

हरे कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम
राम राम हरे हरे

- END OF TRANSCRIPTION -
Transcribed by हिंदी अनुवाद अजित मधुसूदन दास द्वारा
Verifyed by सर्वप्रिय केशवी देवी दासी द्वारा सत्यापित
Reviewed by भवानन्दिनी देवी दासी द्वारा समीक्षित

Lecture Suggetions