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20210801 भाद्र पूर्णिमा विशेष अभियान संबोधन

1 Aug 2021|Duration: 02:50:24|हिन्दी|सार्वजनिक वक्तव्य|Śrī Māyāpur, India

मुकं करोती वाचलम पंगुं लंघयते गिरीमि
यत-कृपा तम अहम् वन्दे श्री-गुरुम दीन- तारणम
परमानंद: माधव: श्री चैतन्य ईश्वरम।।
हरि ओम तत सत ।।

वैशेषिक प्रभु नहीं बोल रहे हैं?

श्रीमद-भागवतम की जय!

तो क्या मैं अंग्रेजी या बांग्ला में बोलूं? भाद्र पूर्णिमा के अवसर पर हम विशेष कार्यक्रम का उद्घाटन कर रहे हैं। मैं सभी भक्तों से सामाजिक दूरी बनाए रखने का अनुरोध करता हूं - जो भक्त मायापुर मंदिर में हैं। भाद्र पूर्णिमा पर श्रीमद-भागवतम वितरण एक बहुत ही खास अवसर है। और उस दिन, अगर हम श्रीमद-भागवतम प्राप्त करते हैं, या देते हैं, तो भगवान कृष्ण विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं। श्रीमद-भागवतम में कहा गया है, कि यदि भाद्र पूर्णिमा के दिन जो श्रीमद-भागवतम का दान करेंगे, तो वह गोलोक वृंदावन जाएंगे। तो देवानंद पंडित भागवतम के एक व्यवसायी पाठक थे। परंतु उन्होंने श्रीवास ठाकुर को अपमानित किया और उन्हें भगवान चैतन्य की दया नहीं मिली। लेकिन जब उन्हें वक्रेश्वर पंडित की संगति मिली, तो उन्हें भगवान चैतन्य महाप्रभु के चरणकमलों की भक्ति प्राप्त हुई। तब देवानंद पंडित ने चैतन्य महाप्रभु से पूछा कि हमें श्रीमद-भागवतम कैसे पढ़ना चाहिए । चैतन्य महाप्रभु कहते हैं कि श्रीमद-भागवतम बहुत ही विशेष शास्त्र है, ग्रंथ । लेकिन हमें श्रीमद-भागवतम की व्याख्या इस तरह से करनी चाहिए कि जिसमें भक्ति प्रमुख हो। जिस घर में श्रीमद-भागवतम रखा जाता है, वहां कोई भी अशुभ प्रवेश नहीं कर सकता। कलियुग में हमें हर घर में विशेष रूप से श्रीमद-भागवतम रखना चाहिए। उस घर में हर दिन १३ मूल देवताओं के साथ भगवान हरि आते हैं। जहां भी श्रीमद-भागवतम है, वहां सभी पवित्र स्थान, नदियां, गंगा, जमुना, पर्वत उपस्थित होते हैं। और दान भी, यज्ञ वहाँ मौजूद हैं । इस प्रकार, सभी को श्रीमद-भागवतम को अपने घर में रखना चाहिए ।

हम इस भाद्र पूर्णिमा से पहले प्रचार कर रहे हैं, जिसे कि हर कोई अपने घरों में श्रीमद-भागवतम पा सके। श्रीमद-भागवतम की महिमा के बारे में स्कंद पुराण जैसे विभिन्न शास्त्रों में कई संदर्भ हैं। यदि आपके पास भागवतम है तो सैकड़ों और हजारों अन्य शास्त्रों का संग्रह करने का क्या फायदा? जिनके घरों में श्रीमद-भागवतम नहीं है, यमराज उनकी देखभाल करेंगे । अगर कोई वैष्णव है और उसके पास भागवतम नहीं है, तो वह एक चांडल या पापी व्यक्ति से कम है। भले ही हमें श्रीमद-भागवतम प्राप्त करने के लिए सब कुछ त्यागना पड़े, परंतु इसकी कोई तुलना नहीं है। अगर किसी के घर में भागवतम है, तो उन्हें अच्छा स्वास्थ्य, लंब आयुष्य आदि मिलेगा। 

आप देखिए भागवतम आपके सामने है। तो भागवतम को देखने के बाद, सभी को उनकी पूजा करनी चाहिए । तो श्रीमद-भागवतम भगवान के सर्वोच्च व्यक्तित्व का साहित्यिक अवतार है। इसलिए सभी के लिए शुभता वितरित करने के लिए, हम श्रीमद-भागवतम को प्रोत्साहन देना और वितरित करना चाहते हैं। तो यह सभी के लिए भागवतम प्राप्त करने और भागवतम दान करने का एक अद्भुत अवसर है । शास्त्रों में कहा गया है कि अगर कोई एक भी श्लोक पढ़ ले तो वह काम करेगा। मैंने असम में देखा कि उन्होंने भागवतम को पीतल के आसन में रखा है और वे उसकी पूजा कर रहे हैं।

वैसे भी, अब से आप अपने मित्रो, संबंधियों आदि को भागवतम वितरित करने की योजना बनाना शुरू कर सकते हैं। अब महामारी के इस समय के दरम्यान, हम भागवतम को फोन पर वितरित करते हैं। जो कुछ भी है, श्रीमद-भागवतम का वितरण करना बहुत महत्वपूर्ण और आवश्यक है। अब हमने परम पूज्य भक्ति पुरुषोत्तम स्वामी, परम पूज्य गौरांग प्रेम स्वामी महाराज, आदरणीय ब्रज विलास दास प्रभु से श्रीमद-भागवतम की महिमा सुनी। यह विश्व रिक्त है, पर अगर भागवतम है तो यह सब कुछ शुद्ध कर देता है। वैसे भी विलंबन हो चुका है, मैं अधिक नहीं बोलूंगा। लेकिन परम पूज्य भक्ति विजय भागवत स्वामी ने कहा कि हमने भाद्र पूर्णिमा तक ४००० भागवतम संपुट वितरित करने का संकल्प लिया है। 

हम सभी प्रार्थना करेंगे कि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। हरे कृष्ण! श्रील प्रभुपाद की जय!

श्रील प्रभुपाद ने अत्यधिक कठिनाईया का अनुभव किया है। श्रील प्रभुपाद रात के अंत में श्रीमद-भागवतम का अनुवाद कर रहे थे। परम पावन भक्ति चारु स्वामी ने बंगाली में श्रीमद-भागवतम का अनुवाद किया। इस तरह, इन सभी भक्तों ने विशेष यज्ञ किया है और श्रीमद-भागवतम लिखा है। वैसे भी, हमारा कर्तव्य है कि हम भागवतम सुनें, भागवतम पढ़ें, और कोशिश करें कि यह भागवतम हर घर तक पहुंचे। हरे कृष्ण!

तो हम वैशेषिक प्रभु को सुन सकते हैं?

वैशेषिक प्रभु श्रील प्रभुपाद की उपस्थिति के उपरांत से अपनी विशेष सेवा के रूप में पुस्तकों का वितरण कर रहे हैं। वह अभी भी कर रहे हैं और मैं उनकी प्रेरणा और श्रील प्रभुपाद साहित्य को वितरित करने के महान नेतृत्व के लिए बहुत आभारी हूं। तो आइए हम उनके अनुरोध को पूरा करें और प्रतिज्ञा को पार करने का प्रयास करें। देखिए वो स्मित कर रहे है, अगर हम ऐसा करेंगे तो वो बहुत प्रसन्न होंगे! अमेरिका में सिलिकॉन वैली सेंटर 2000 संपुट वितरित कर रहा है, हम हिंदुस्तान में हैं, इससे कहीं अधिक हमें करना चाहिए। हरीबोल!

- END OF TRANSCRIPTION -
Transcribed by अजित मधुसूदन दास
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