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20210605 प्रश्नोत्तर सत्र

5 Jun 2021|Duration: 00:03:46|हिन्दी|प्रश्नोत्तर सत्र|Śrī Māyāpur, India

निम्नलिखित 5 जून, 2021 को श्री धाम मायापुर, भारत में परम पावन जयपताका स्वामी महाराज द्वारा दिया गया एक प्रश्न और उत्तर सत्र है।

 

प्रश्न : गंगा में स्नान का मुद्दा उठा और गंगा को भगवान के चरण कमलों से उत्पन्न माना जाता है। लेकिन जिस जल का उपयोग हम देवताओं को स्नान कराने के लिए करते हैं, वही जल भगवान के सिर को स्पर्श करता है। क्या यह उचित है?

जयपताका स्वामी : भगवान के चरण कमल भी पवित्र हैं, और यद्यपि गंगा वह जल है जिसने भगवान के चरण कमलों को धोया है, इसका उपयोग भगवान की सभी पूजाओं में भी किया जाता है।

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प्रश्न : हमें विभिन्न शौकों को सुनने के अनेक परिणाम सुनने को मिलते हैं। ऐसे परिणामों का सम्मान कैसे किया जाए?

- आनंदमयी कलावती देवी दासी 

जयपताका स्वामी : हम समझ सकते हैं कि यह लीला कितनी आशीष देती है। इसलिए हमने इन लीलाओं को सुनकर इस अवसर का सदुपयोग किया है।

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प्रश्न : भगवान कृष्ण के चरण कमलों को प्राप्त करने का सबसे सरल तरीका क्या है?

—दीपक सचदेवा

जयपताका स्वामी : भगवान चैतन्य ने हमें सबसे सरल मार्ग दिखाया है और केवल उनके निर्देशों का पालन करके ही हम भगवान की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। 

- END OF TRANSCRIPTION -
Transcribed by Jayarāseśvarī devī dāsī
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